भारत में किसान आंदोलन के प्रमुख कारण क्या हैं | और किसलिए हो रहे देशभर मे आंदोलन ?
लिहाज़ा, उसने अब विरोध का एक अनोखा रास्ता अपना लिया है. वह देश की राजधानी दिल्ली को घेरने के लिए निकल चुका है.
राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर भारत बंद के कारण लंबा ट्रैफिक जाम देखा गया। इस बीच हरियाणा शंभू सीमा पर प्रदेशंकारी किसानों को तीतर् भीतर् करने के लिए सुरक्षा बलों ने आँसू गैस के गोले दागे है। मीडिया रिपोटर्स की माने तो केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि किसान संगठनों से अगली वार्ता के लिए रविवार का समय तय हुआ है
बताया जा रहा है कि सिंधु बॉर्डर पर धारा 144 लागू कर दी गई है और किसी भी तरह की भीड़ जुटाने पर पाबंदी लगाई गई है. बाहरी दिल्ली के ही औचन्दी बॉर्डर पर भी 144 धारा लगाई गई है, जो दिल्ली से हरियाणा और पंजाब को जोड़ते हैं. इनके अलावा किसानों के विरोध-प्रदर्शनों को देखते हुए दिल्ली के कई इलाकों और सीमाओं पर दिल्ली पुलिस ने धारा 144 लगा दी है.
उन्होंने कहा की मुझे विश्वास है कि रविवार को भी अच्छे वातावरण में बातचीत होगी और इन मुद्दों के हल के लिए हम आगे बढ़ेंगे। कानून-व्यवस्था राज्य का विषय है, उन्हें अपने यहां कानून-व्यवस्था बनानी है.
किसने की मांगे क्या है? किसानों का कहना है कि:- उन्हें स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के अनुसार सभी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य के लिए कानून बनाया जाए किसने और मजदूर का कर्ज पूरी तरह से माफ किया जाए इसके साथ ही देश भर में भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 को फिर से लागू किया जाए
1 किसानों नेता न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर कानून बनाने की मांग कर रहे हैं। केंद्र सरकार से किसान कीटनाशक, बीज और उर्वरक अधिनियम में संशोधन करके कपास सहित सभी फसलों के बीजों की गुणवत्ता में सुधार करने की मांग कर रहे हैं।
किसानों की पहली मांग ➡️
- किसानों के 12 सूत्रीय एजेंडे में मुख्य मांग सभी फसलों के लिये न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी के लिये एक कानून और डॉ. एम.एस. स्वामीनाथन (मनकोम्बु संबाशिवन स्वामीनाथन) आयोग की रिपोर्ट के अनुसार फसल की कीमतों का निर्धारण करना है।
2 सभी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी )की गारंटी का कानून सरकार बनाए
3 कीसानों और मजदूरों की संपूर्ण कर्जमाफी योजना लागू की जाए.
4 कंपनियों को आदिवासियों की जमीन लूटने से रोककर जल, जंगल और जमीन पर मूलवासियों का अधिकार सुनिश्चित करना.
5 9 फ़रवरी 2022 को दिल्ली आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों के परिवारों को मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी.
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